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बुधवार, 21 फ़रवरी 2024

पञ्चवटी : मानस शब्द संस्कृति

 

पञ्चवटी : मानस शब्द संस्कृति

पावन पंचवटी तेहि नाऊँ।।

दंडकारण्य में गोदावरी नदी तट पर पांच विशाल वट वृक्ष वाले स्थान का नाम #पञ्चवटी है। यहीं गीधराज जटायु से भेंट हुई। यहीं सूपनखा आई और फिर स्वर्णमृग, मारीच वध तथा सीता हरण हुआ। यह स्थान श्रीराम के जीवन में बड़े उतार चढ़ाव की भूमि है।

#मानस_शब्द #संस्कृति


सद्य: आलोकित!

घनआनंद : रामचंद्र शुक्ल

ये साक्षात् रसमूर्ति और ब्रजभाषा के प्रधान स्तंभों में हैं। इनका जन्म संवत् १७४६ के लगभग हुआ था और ये संवत् १७९६ में नादिरशाही में मारे गए। ...

आपने जब देखा, तब की संख्या.