गुरुवार, 5 नवंबर 2026

रामायण : फिल्म है या प्रहसन ...

 श्रीमद्वाल्मीकिरामायण में वर्णित है कि जब भगवान परशुराम राम से मिले तो उनके कंधे पर फरसा है। हाथ में विद्युत्गुणों के समान दीप्तिमान धनुष और बाण है। वह आवेश में हैं। उन्हें ज्ञात है कि शिव जी का धनुष तोड़ा गया है।



परशुराम ने वहां दशरथ से बात तक नहीं की और श्रीराम से कहा कि वह इस धनुष पर बाण चढ़ा दें। ऐसा करने पर वह उन्हें द्वंद्व युद्ध के लिए आमंत्रित करेंगे। जब राजा दशरथ ने उन्हें प्रसन्न करने के लिए कुछ कहा तो परशुराम ने उनकी अवहेलना की।


जब श्रीराम ने ऐसा किया तो उससे परशुराम का पुण्यक्षय हो गया। फिर वह धनुष सौंप कर चले गए।


अब जो #RamayanaMovie बनी है, उसमें दिखाया है कि परशुराम ने फरसे से प्रहार कर दिया। श्रीराम ने उस प्रहार को निष्फल कर दिया। तब परशुराम ने वह धनुष दिया जो उन्हें भगवान विष्णु से मिला था।


इसी बीच में लक्ष्मण परशुराम संवाद है और लक्ष्मण कह रहे हैं कि अब टूट गया तो टूट गया! एक दम "हुआ तो हुआ" वाला अप्रोच! 


एक तो आजकल अस्त्र/शस्त्र इस आकार प्रकार के बना रहे हैं फिल्मों में कि खिलौना लग रहा है। फरसा का काम कृषि और बागवानी के क्षेत्र में रहता है। पिता की हत्या से आक्रोशित परशुराम ने उसे ही अपना अस्त्र बना लिया था।


श्रीमद्वाल्मीकिरामायण में लक्ष्मण-परशुराम संवाद ही नहीं है! यह विशेष-प्रसंग-रचना गोस्वामी तुलसीदास जी ने की है। उन्होंने ही परशुराम जी को जनक की सभा में उपस्थित दिखाया और एक हास्य व्यंग्य का सुंदर दृश्य बनाया। कुमार विश्वास #KumarVishwas के लड़के कह रहे हैं कि मूलकथा वाल्मीकि रामायण से ली गई है! वहां तो यह सब है ही नहीं!


अच्छा! रावण चन्द्रहास तलवार से जटायु को इस तरह मारता है जैसे यूनानी फिल्मों में शत्रुओं को मारते हैं। एकदम से सीने में तलवार घोंप देता है! जटायु गिर रहे हैं तो उसका नाखून पकड़ लेता है जो उखड़ जाता है। सेट पर खड़ी सीता देखती रह जाती हैं! निर्निमेष। आश्चर्यचकित। शोक नहीं, भय अथवा आशंका नहीं। दुख नहीं। विक्षोभ नहीं।


#Ramayana में कुमार विश्वास, बोधिसत्व और रहमान ने एकदम से भषड़ कर दिया है।

कोई टिप्पणी नहीं:

सद्य: आलोकित!

रामायण : फिल्म है या प्रहसन ...

 श्रीमद्वाल्मीकिरामायण में वर्णित है कि जब भगवान परशुराम राम से मिले तो उनके कंधे पर फरसा है। हाथ में विद्युत्गुणों के समान दीप्तिमान धनुष औ...

आपने जब देखा, तब की संख्या.