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मंगलवार, 27 अक्टूबर 2015

एकल व्याख्यानमाला में मेरा पहला व्याख्यान हो गया.

व्यख्यान की रूपरेखा

सद्य: आलोकित!

घनआनंद : रामचंद्र शुक्ल

ये साक्षात् रसमूर्ति और ब्रजभाषा के प्रधान स्तंभों में हैं। इनका जन्म संवत् १७४६ के लगभग हुआ था और ये संवत् १७९६ में नादिरशाही में मारे गए। ...

आपने जब देखा, तब की संख्या.