गीध - दृष्टि : मानस शब्द संस्कृति लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
गीध - दृष्टि : मानस शब्द संस्कृति लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 4 मार्च 2024

गीध - दृष्टि : मानस शब्द संस्कृति

 

गीध - दृष्टि : मानस शब्द संस्कृति 


मैं देखउं तुम्ह नाहीं, गीधहि दृष्टि अपार।
बूढ़ भयउं न त करतेउं कछुक सहाय तुम्हार।।

प्रयोग के आधार पर शब्दों के अर्थ में विस्तार और संकोच होता रहता है। अपार अर्थात दूर तक देखने की क्षमता वाली #गीध_दृष्टि कालांतर में स्वार्थलोलुप और निकृष्ट मानी गई। गीधराज संपाती ने अपनी दृष्टि की सहायता से वानरों को रावण का ठिकाना बताया। उन्होंने अपनी असमर्थता भी जताई कि वह वृद्ध न होते तो अवश्य सहायता करते।

#मानस_शब्द #संस्कृति


सद्य: आलोकित!

सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty)

सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई थी। इसका उद्देश्य सिंधु नदी प्रणाली की...

आपने जब देखा, तब की संख्या.