रविवार, 18 फ़रवरी 2024

चरणपीठ अथवा खड़ाऊं : मानस शब्द संस्कृति

 

चरणपीठ अथवा खड़ाऊं 

चरनपीठ करुनानिधान के।

जनु जुग जामिक प्रजा प्रान के।।

जो #चरणपीठ अर्थात #खड़ाऊं श्रीराम ने भरत को दिए वह जैसे समस्त प्रजाजन के लिए पहरेदार थे। पांव की सुरक्षा के लिए पहना जाने वाला एक विशेष प्रकार की पनही, चप्पल #खड़ाऊं है। यह लकड़ी का बनता है। सुपरिचित है।

#मानस_शब्द #संस्कृति


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