गुरुवार, 11 जनवरी 2024

गंग की चर्चित कविता

सब देवन को दरबार जुरयो तहँ पिंगल छंद बनाय कै गायो
जब काहू ते अर्थ कह्यो न गयो तब नारद एक प्रसंग चलायो,
मृतलोक में है नर एक गुनी कवि गंग को नाम सभा में बतायो।
सुनि चाह भई परमेसर को तब गंग को लेन गनेस पठायो।।

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सद्य: आलोकित!

लंगड़ा आम के पक्ष में

 जब मेरे सामने कोई व्यक्ति लंगड़ा आम छोड़कर दशहरी के सम्बन्ध में पूछताछ करता है तो मैं उसे नौसिखिया मानकर देखता हूं। आजकल लंगड़ा आम मुझे मिल...

आपने जब देखा, तब की संख्या.