गुरुवार, 1 जनवरी 2026

रामु सूत्रधर अंतरजामी।

नाट्यशास्त्र में कठपुतली को नचाने वाले को #सूत्रधार कहा गया है। अखिल विश्व रंगमंच है,  सबको संचालित करने वाले श्रीरामचंद्र जी हैं। अभी विगत दिवस हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार संजीव को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला, उनका एक उपन्यास यह भी है। #सूत्रधार उपन्यास भोजपुरी के नाटककार भिखारी ठाकुर के जीवन पर केंद्रित है, जिन्होंने बिदेसिया और गबर घिचोर जैसे विख्यात नाटक लिखे और मंचन किया, कराया।

तुलसीदास जी #श्रीरामचरितमानस में भगवान श्रीराम को सूत्रधार और सरस्वती जी को कठपुतली कह दिया है। 🙏🙏

मैं जाना तुम्हार गुन सीला। कहउँ सुनहु अब रघुपति लीला।।

सुनु मुनि आजु समागम तोरें। कहि न जाइ जस सुखु मन मोरें।।

राम चरित अति अमित मुनिसा। कहि न सकहिं सत कोटि अहीसा।।

तदपि जथाश्रुत कहउँ बखानी। सुमिरि गिरापति प्रभु धनुपानी।।

सारद दारुनारि सम स्वामी। रामु सूत्रधर अंतरजामी।।

जेहि पर कृपा करहिं जनु जानी। कबि उर अजिर नचावहिं बानी।।

प्रनवउँ सोइ कृपाल रघुनाथा। बरनउँ बिसद तासु गुन गाथा।।

परम रम्य गिरिबरु कैलासू। सदा जहाँ सिव उमा निवासू।।


दोहा/सोरठा

सिद्ध तपोधन जोगिजन सूर किंनर मुनिबृंद।

बसहिं तहाँ सुकृती सकल सेवहिं सिब सुखकंद।।

#संस्कृति #शब्द



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