शुक्रवार, 7 जून 2024

इतना दृष्टिहीन मत हो जाइए कि अपने ही गड्ढे कब्रगाह बन जाएं।

इतना दृष्टिहीन मत हो जाइए कि अपने ही गड्ढे कब्रगाह बन जाएं।

स्वर्ण मंदिर पर आक्रमण, भिंडरावाले का सफाया करने से खिन्न अंगरक्षकों द्वारा इंदिरा गांधी की हत्या

लिट्टे के दमन के लिए श्रीलंका में सैन्य अभियान के लिए राजीव गांधी पर सुरक्षाबलों द्वारा जानलेवा आघात

किसानों के उपद्रव पर बयान देने के लिए कंगना रनौत पर सुरक्षाकर्मी द्वारा थप्पड़ मारना

कंगना रनौत 

एक ही कोटि की घटनाएं हैं। किसी सुरक्षाकर्मी द्वारा यह करना अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा है। इसकी एक सुर से निंदा होनी चाहिए और कड़ी कार्रवाई।


एक सभ्य समाज में पी चिदंबरम, अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण, कन्हैया कुमार आदि पर हुए हमले की भी कोई जगह नहीं है। हमने केजरीवाल जी द्वारा पी चिदंबरम पर जूता फेंकने वाले को विधायक बनाने पर तीखी आलोचना की थी। हमलावरों का किसी भी तरह से महिमामंडन नहीं होना चाहिए। यहां तक कि कांशीराम द्वारा आशुतोष को मारने की घटना की भी निंदा ही करनी चाहिए।


सोचिए! कल अजित अंजुम, रविश कुमार, अभिसार शर्मा को कोई यह कहकर पीट दे कि यह सब घटिया नैरेटिव चलाते हैं तो आप उसका बचाव कर पाएंगे?


अराजकता को समर्थन देना नाजायज है। दुर्भाग्य से कांग्रेसी भी यह कर रहे हैं जिन्होंने इतनी कीमत चुकाई है। इतना दृष्टिहीन मत हो जाइए कि अपने ही गड्ढे कब्रगाह बन जाएं।




#कंगना_रनौत

#kangnaranaut

कुलविंदर कौर 

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