गुरुवार, 30 जून 2022

चार आम और मौलाना

       सालिम अली ने आत्मकथा "एक गौरैया का गिरना" में लिखा है कि उनके फ्रिज में 08 अलफांसो आम थे। एक मौलाना आए। उन्हें आम ऑफर किया गया। उन्होंने आठो आम दबा दिए।

     फ्रिज में रखे आम का स्वाद द्विगुणित हो जाता है। गांव में पानी भरी बाल्टी में आम रखकर खाने के पीछे यही भावना है।

      सबेरे सबेरे पद्म (लंगड़ा) का सेवन करते हुए अलफांसो और मौलाना की याद हो आई।

#चार_आम






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सद्य: आलोकित!

फिराक गोरखपुरी की याद

खेतों को संवारा तो सँवरते गये खुद भी , फसलों को उभारा तो उभरते गये खुद भी , फितरत को निखारा तो निखरते गये खुद भी , नित अपने बनाये हुए ...

आपने जब देखा, तब की संख्या.